आ जाते हैं रिश्तो पर ज्ञान देने वाले
जिनसे कभी एक लड़की तक नहीं पट सकी....
मंज़िल नहीं मुझे तो राह से मिलना है,
दुनिया के साथ किसे जीना है...
झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं,
बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती....
वो बोली हेलो, भैया
अपुन बोला नमस्ते,आंटी.
देखा ना मेरा पूरा-पूरा संस्कार....
माफ़ करना आंटी जी
किसी दुसरो की माल को हम देखते तक नहीं....
जिनकी नज़रों में हम अच्छे नही,
वो अपनी आँखो का इलाज करवाये....